तुमने सिखाया था प्यार

3:33 PM Posted by संगीता मनराल


तुमने सिखाया था प्यार

क्या वही है
जहाँ तुम लेकर गये मैं बस
चलती रही बेखबर
मेरी हर तमन्नायें
तुम से शुरू होकर
तुम पर खत्म थी
लेकिन तुम समझाते रहे
नहीं ये प्यार नहीं है

आज अरसे बाद मन किया है,
तुम्हें सोचकर कुछ लिखने का
नसों मे कसाव आ जाता है
तुम्हारा ख्याल लाकर
और तुम कहते रहे
नहीं ये प्यार नहीं है